
प्रस्तावना-
किसान मित्रो आप अपनी फसल में ज्यादा उत्पादन किस से कर सकते है गेहूं और सरसों में पहले पानी पर क्या डाले ज्यादा उत्पादन के लिए -से आप अपनी फसल में अच्छा उत्पादन ले सकते है 8 साल से अनुभव आप को बताने वाला हु गेहूं और सरसों में प्रथम पानी के समय खाद और उर्वरक का बहुत ही अधिक महत्व होता है। तथा इसकी अच्छी तरह से देखरेख और पूर्ति ना होने पर हमारी फसल और उपज पर अधिक से अधिक प्रभाव पड़ता है। जिसके कारण हमारे उपज पर अच्छी नहीं होती है कुछ तरीका जो निम्न है ↓
गेहूं और सरसों में पहले पानी पर क्या डाले ज्यादा उत्पादन के लिए-
बुवाई के समय खेतों में फास्फोरस (P2O5)और पोटाश(K2O) की पूरी मात्रा देने पर हमारी फसलों में प्रथम सिंचाई में नाइट्रोजन की अधिक मात्रा देनी पड़ती है। और प्रथम पानी में नाइट्रोजन के साथ अनेक प्रकार की खाद दवाई का प्रयोग किया जाता है ।जिससे हमारी फसलों की ग्रोथ में वृद्धि होती है।
सल्फर (Sulpher)-
मुख्य पोषक तत्व नाइट्रोजन फास्फोरस और पोटाश(NPK) के बाद सल्फर (Sulpher) खेतों में डाला जाता है ।और यहां फसलों की वृद्धि और बढ़वार के लिए बहुत ही उपयुक्त मानी जाती है। गेहूं और सरसों में सल्फर डालने से गेहूं में कल्ले की संख्या तथा सरसों में शाखा की संख्या अधिक बनती है ।जिससे हमारी उपज में अधिक वृद्धि होती है।
सल्फर से गेहूं में बालिया अधिक लंबी तथा दानों की संख्या में वृद्धि पाई जाती है।
सरसों में सल्फर डालने से शाखाएं अधिक निकलती है तथा दानों की मोटाई अधिक होती है।
ह्यूमिक एसिड (Humic Acid)-
ह्यूमिक एसिड के अनेक प्रोडक्ट आते हैं। ह्यूमिक एसिड का प्रयोग हम प्रथम पानी के समय यूरिया के साथ मिलाकर फसलों पर छिड़काव करते हैं ।गेहूं और सरसों में एक ऐसे प्रथम पानी में में डालने से हमारी फसलों में अधिक वृद्धि होती है ।और फसलों का रंग भी गहरा काला हो जाता है तथा फसलों की बढ़वार भी अच्छी होती है।
कार्बनिक खाद(Organic manure)-
कार्बनिक खाद भी अनेक कंपनियां अनेक प्रोडक्ट के रूप में बनाती है। कार्बनिक खाद का प्रयोग यूरिया के साथ प्रथम पानी में गेहूं और सरसों में छिड़काव करने पर हमारी गेहूं और सरसों की फसल में अधिक वृद्धि तथा बड़वार पाई जाती है जिससे उपज में अधिक वृद्धि होती है।
जिंक(Zink)-
जिंक याद जस्ता सरसों और गेहूं में प्रथम पानी के समय युरिया के साथ मिलाकर खेतों में छिड़काव करने से फसलों की शाखाएं में अधिक वृद्धि तथा तथा मोटा और गेहूं में कल्ले की संख्या में अधिक वृद्धि पाई जाती है।
बायोजाइम( Biozime)-
बायोजाइम लिक्विड और दानेदार दोनों फॉर्म में पाई जाती है। लेकिन गेहूं और सरसों में प्रथम पानी के समय दानेदार का उपयोग करना ही उपयुक्त मानी जाती है। बायोजाइम का प्रयोग प्रथम पानी में गेहूं और सरसों में प्रयोग करने पर गेहूं की कल्ले में अधिक वृद्धि तथा तथा मोटा और बड़वार अच्छी होती है। तथा सरसों में कल की संख्या में अधिक दाना अधिक संख्या में पाई जाती है।
- इसके अलावा गेहूं और सरसों में प्रथम पानी के समय कैल्शियम(Calcium) और मैग्नीशियम (Magnicium)तथा माइक्रोन्यट्रिएंट्स (Micronutrients) जैसे लोहा(Fe),Cobalt, मोलिबिडनम ,Boran आदि तत्व डालते हैं।
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